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गया, बिहार – 823001
कन्या विवाह & विकास सोसाइटी अपने स्तर पर कई योजनाएँ बनाती है एवं क्रियान्वित करती है ताकि हमारे समाज कि बालिकाएँ, महिलाएँ समुचित विकास कर सकें, शिक्षित हो सकें, जागरूक हो सकें, आत्म निर्भर हो सकें ।
हम चाहते हैं कि हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग जाति एवं धर्म कि बालिकायें, महिलायें,
शिक्षित, जागरूक, आत्मनिर्भर, स्वतंत्र एवं निर्भय हों ।
हम तब तक नहीं रूकेंगे जबतक प्रत्येक भारतीय बालिकायें, महिलायें, शिक्षित, जागरूक आत्मनिर्भर नही बन जाती ।
बालिकाओं और महिलाओं को समाज में हो रहे अन्याय तथा प्रताड़ना के विरुद्ध हर प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करना ।
समाज में महिलाओं को पुरूष के बराबर का दर्जा दिलाना, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और आने वाली सभी समस्याओं का डट कर सामना कर सकें।
अब तक हमने नौ महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है, अर्थात बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रुण हत्या, कानूनी सहायता केन्द्र, कॉल सेन्टर, विवाह सम्बंधी समस्याओं का समाधान, स्वावलंबन कन्याओ/बालिकाओं से सम्बंधित योजना को सफलता पूर्वक करना, विकलांग कन्याओं के पुनर्वास हेतु कार्यक्रम, बालिका शिक्षा इत्यादि ।
कन्या विवाह एवं विकास सोसाइटी (Kanya Vivah & Vikash Society) सामाजिक कल्याण, मानवीय गरिमा, समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास करना है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, आवश्यक संसाधनों तक पहुँच प्राप्त करने और बेहतर भविष्य बनाने के समान अवसर मिल सकें।
हमारा मानना है कि सार्थक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत करुणा, सामूहिक जिम्मेदारी और समान अवसरों से होती है। अपने उद्देश्यों और दूरदर्शी सोच के माध्यम से हम व्यक्तियों एवं परिवारों को सहयोग देने, समुदायों को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।
एक ऐसे समावेशी, शिक्षित, सशक्त और सामाजिक रूप से जागरूक समाज का निर्माण करना, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से महिलाएँ और बालिकाएँ, सम्मान के साथ जीवन जी सकें, समान अवसर प्राप्त कर सकें और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें।
हमारा मिशन शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता, परिवार कल्याण और सतत सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करके समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में कार्य करना है।
कन्या विवाह एवं विकास सोसाइटी का मानना है कि सकारात्मक दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम समाज में सार्थक बदलाव ला सकता है। हम अपने सामाजिक कल्याण संबंधी उद्देश्यों को ईमानदारी, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाने तथा सामुदायिक भागीदारी और सभी के लिए समान अवसरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रतिबद्ध हैं।
हम मिलकर ऐसे समाज के निर्माण की आकांक्षा रखते हैं, जहाँ हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान हो, सभी को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और प्रत्येक व्यक्ति बेहतर भविष्य का निर्माण कर सके।
जीवन को सशक्त बनाना। परिवारों को मजबूत करना। बेहतर समाज का निर्माण करना।
1. महिला सशक्तिकरण
महिलाओं की गरिमा, आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और समाज में समान भागीदारी को बढ़ावा देना तथा उनके व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए अवसरों को प्रोत्साहित करना।
2. बालिका कल्याण
बालिकाओं के कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा प्रत्येक बालिका के लिए सम्मान, समानता और उज्ज्वल भविष्य के अवसरों को बढ़ावा देना।
3. शिक्षा एवं जागरूकता
शिक्षा, साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना, ताकि लोग सही निर्णय ले सकें और अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।
4. सामाजिक कल्याण एवं सामुदायिक विकास
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में कार्य करना तथा सामाजिक समावेशन, सामुदायिक भागीदारी और विकास के अवसरों को बढ़ावा देना।
5. विवाह संबंधी सामाजिक कल्याण
विवाह से जुड़ी जिम्मेदारियों, सम्मानजनक परंपराओं और सामाजिक सहयोग को प्रोत्साहित करना। साथ ही, बेटियों के विवाह के संबंध में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय एवं सामाजिक दबाव को कम करने की दिशा में प्रयास करना।
6. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता
व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना।
7. कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता
व्यक्तियों को अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना।
8. सामाजिक समानता एवं जागरूकता
सामाजिक सहभागिता और शैक्षणिक पहलों के माध्यम से समानता, आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना तथा भेदभाव एवं हानिकारक सामाजिक प्रथाओं के प्रति जागरूकता फैलाना।
9. जरूरतमंद परिवारों को सहयोग
आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें उचित कल्याणकारी सहायता, संसाधनों तथा अवसरों तक पहुँच दिलाने की दिशा में प्रयास करना, ताकि वे अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
10. सतत सामाजिक विकास
दीर्घकालिक सामाजिक प्रगति और समावेशी समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों, जिम्मेदार नागरिकता और समुदाय-आधारित विकास पहलों को प्रोत्साहित करना।