KANYA VIVAH &VIKASH SOCIETY
अधिनियम के अंतर्गत रजिस्टर्ड एक ऐसी संस्थाहै जो कन्याओं से संबंधित समस्याओं पर कार्य करती है। चूकि कन्याएँ हमारे समाज की अभिन्न अंग है और इनकी उपेक्षा करके हम एक सभ्य एंव विकसित समाज की कल्पना भी नहीं कर सकते। हम अपने आपको एक सभ्य मानव की संज्ञा देते है और एक सभ्य समाज की चाहत रखते हैं। लेकिन जब तक कन्याएँ पुरूषों की तरह निर्णय लेने मे, शिक्षा के क्षेत्र मे बराबर नहीं आ जाती है, तब तक एक विकसित समाज का सपना एक कल्पना मात्र ही रह जाएगा।
आज जितने भी देश जो विकासीत कहलाते हैं। वहाँ की कन्याएँ वहाँ की समाज की एक निर्णयकर्ता है लेकिन हमारे भारत मे और खास कर हमारे बिहार मे कन्याओं के साथ आज भी भेदभाव किया जाता है। और इतना ही नही बल्कि जीवन के प्रत्येक कदम पर इनका शोषण होता है। तथा इनके कदम-कदम पर समाज द्वारा काँटे ही काँटे डाल दिये जाते हैं हम चाहते हैं की अपनी कन्याओं को सुदृढ़ बनाये, लेकिन समाज की कई कुरीतियाँ हमें अपने मकसद से रोकती हैं और जिनका मुल्य हमारे बेटीयों को चुकाना पडता हैं।


सामुहीक विवाह प्रचार
झारखण्ड राज्य के गढ़वा जिले के दानरो नदी छठ घाट में 251 कन्याओं का सामुहीक विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। तथा सभी दुल्हे बेराजबारी दुर करने के लिए बैट्री वाला ई-रिक्शा एवं चलंत रेस्टॉरेन्ट दिया जायेगा। जिसमें आप तमाम जनता जर्नाधण, जनप्रतिनिधिगण एवं पदाधिकारीगण आप इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित है और नवविवाहीत जोड़ो को अपना बहुमुल्य समय निकालकर आर्शीवाद देकर उनका मनोबल बढ़ाने का कृप्पा करें।
यह योजना क्यों
- इस योजना से कन्या के विवाह के प्रति माता-पिता अपने आप को असहाय महसूस नहीं करेंगे।
- गुण हत्या में कमी आएगी और आने वाले बच्चे कुपोषण के शिकार नहीं होंगे।
- समाज में कन्याओं के प्रति श्रद्धा व सहानुभूति बढ़ेगी।
- दहेज प्रथा पर रोक लगेगी।
- विवाह के मौके पर खर्चों की साझेदारी एवं कमी होगी।
- वर और वस्तु दोनों सम्मानित होंगे जिससे उनका आत्मबल मिलेगा।
- समाज में कन्याओं के विवाह के लिये एक आधुनिक प्लेटफॉर्म मिलेगा।
- बाल विवाह पर रोक लगेगी।
प्रस्तावित योजनाएँ
देश के प्रत्येक, राज्य मे जिला एवं प्रखण्ड में विवाह मण्डप भवन बनाना।
सोसाईटी में निबंधित परीवारों के केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा चलाये जा रहे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना एवं उन्हे लाभ दिलाना।
प्रखण्ड स्तरीये व्यवसायी प्रशिक्षण केन्द्र खोलना एवं कन्याओं को स्वावलम्बी बनाना।
बालिका स्कुल एवं छात्रावास तथा अन्नाथालय एवं वृद्धा आश्रम का निर्माण करना तथा संचालन करना।
कन्या विवाह सहयोग एवं उपहार योजना को सभी राज्य से प्रत्येक परीवार को जोड़ना एवं लाभ देना।
संस्था में निबंधित कन्याओं के नाम से एक वृक्ष लगाना।
कन्या विवाह एवं विकास समाज के द्वार कन्याओं को दिए जाने वाले अनुदान (देखे)
हमारा उद्देश्य
1. बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रुण हत्या को समाप्त करने हेतु जागरूक करना तथा शपत्थ दिलाना।
2. कानून सहायता केंद्र, एवं कॉल सेंटर, का संचालन करना।
3. शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को समाज सेवा करते हुऐ बेराजगारी को दुर कराना।
4. स्वास्थय के प्रति जागरूक्ता शिविर लगाना, जाँच एवं बिमारी से ग्रसित व्यक्तीयों को चिकित्शालय / हॉस्पीटल निर्माण कर संचालन करना तथा बिमारी दुर करना
5. विवाह से संबंधित समस्या का समाधान करना तथा सामुहीक विवाह को प्रोत्साहीत करना।
6. स्वावलंबन प्रशिक्षिण कराकर उन्हे आत्मर्निभर बनाना तथा जुडो कराटे के द्वारा प्रशिक्षण कराकर आत्मरक्षा हेतु जागरूक कराना।
7. कन्याओं / बालिकाओं / महीलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर सफलिभुत कराना।
8. अन्नाथ, गरीब, असहाय, कन्याओं के लिये अन्नाथालय, छात्रावास, विघालय के पुर्णवास हेतु कार्यक्रम करना।
9. बालिका शिक्षण के प्रति जागरूक कर उन्हे पंचायत, प्रखण्ड, तथा जिला स्तरीय स्कुल का र्निमाण कर संचालन करना एवं शिक्षित बनाना।
10. संस्था द्वारा सहायता देने एवं लेने हेतु तथा संस्था को मजबुत बनाने हेतु सदस्यता ग्रहण कराना एवं संस्था के नियमो का पालण करना।
आगामी कार्यक्रम


कार्य क्षेत्र




न्याओ के पंजीकरण का चरण
योजनाएँ
कन्या विवाह एण्ड विकास सोसाइटी अपने स्तर पर कई योजनाएँ बनाती है एवं क्रियान्वित करती हैं ताकि हमारे समाज कि बालिएकाएँ, मलिएँ समुचित विकास कर सकें, शिक्षित हो सकें, जागरूक हो सकें, आत्क निर्भर हो सके।
- हमार प्रयास: हम चाहतें हैं कि हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग जाति एवं धर्म कि बालिकायें महिलायें, शिक्षित, जागरूक, तात्मनिर्भर एवं स्वतंब तथा निर्भय हों।
- हमार संकल्प: हम तब तक नहीं रूकेंगे जबतक प्रत्येक भारतीय बालिकायें महिलायें, शिक्षित, जागरूक आत्मनिर्भर नहीं बन जातीं।
- कानूनी सहायता: बालिकाओं और महिलाओं को समाज में हो रहे अन्याय तथा प्रताड़ित के विरोध हर प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करना।
- महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाना :समाज में महिलाओं को पुरुष के बराबर का दर्जा दिलाना ।
अब तक, हमने नौ महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है, अर्थात् बाल विवाह भ्रूण हत्या, कानुनी सहायता केन्द्र एवं कॉल सेंटर, विवाह संघ समस्याओं को समाधान, स्वालंबन, कन्याओं / बालिकाओं से संबंध योजना को सफलता पूर्वक करना, विकलंग कन्याओं के पुनर्वास हेतु कार्यकर्म, बालिका शिक्षा |
हमारी वर्तमान योजनाएँ







हमारी भविष्य की योजनाएँ
- पंचायत स्तर पर महिला प्रशिक्षण एवं स्वाबलम्बन केन्द्र कि स्थापना करना।
- सरकार द्वरा संचालित बालिका एवं महिला योजनाओं की सफलता हेतु प्रचार-प्रसार
करना एवं उस योजना से संबंधित सरकारी पदाधिकारी के सहयोग से सफलीभूत करना। - अनाथ, लाचार, बेब, विकलांग बालिकाओं हेतु निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करना । विषम परिस्थितियों में फंसे बालिकाओं को सहायता करना।
- बालिकाओं को आत्म रक्षा हेतु कराटे, कुंगफ, आदि का प्रशिक्षण देना ।
- बालिका प्रतिभा खोज करना एवं उन्हें मार्गदर्शन करना।
- बालिका खेलकुद प्रतियोगिता करवाना एवं खेलकुद प्रशिक्षण देना ।
- सस्ते दर पर सेनेटरी पैड का निर्माण करना एवं बालिकाओं को मुहैया करवाना।
- बालिका संसद का गठना करना ।
संचालन मंडली के सदस्य एवं पदाधिकारीगण







