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Kanya Vivah & Vikash Society

हेल्पलाइन / कार्यालय

+91 9431478880
+91 9431252735

हमें लिखें

info@kanyavivahvikashsociety.org.in
support@kanyaviavhvikashsociety.org.in
career@kanyavivahvikashsociety.org.in

प्रधान कार्यालय

गया, बिहार – 823001

ताज़ा सूचना

झारखण्ड राज्य के गढ़वा जिले के दानरो नदी छठ घाट में 251 कन्याओं का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सभी दूल्हों को बैट्री वाला ई-रिक्शा एवं चलंत रेस्टोरेंट दिया जाएगा।

📝

सामूहिक विवाह आवेदन
कन्या का निबंधन

🏫

बालिका विद्यालय एवं छात्रावास
शिक्षा एवं आश्रय

📄

दस्तावेज़ एवं डाउनलोड
पंजीकरण, रिपोर्ट
विगत 14 वर्षों में विवाहित कन्याएँ
0 +
वर्षों की निरंतर सेवा
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प्रमुख कार्यक्षेत्र
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आगामी सामूहिक विवाह की कन्याएँ
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About us

KANYA VIVAH &VIKASH SOCIETY-Women’s Empowerment in India

बाल विवाह,भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा पर रोक लगाना एवं सामूहिक विवाह को प्रोत्साहन करना

An NGO focused on women’s empowerment in India aims to uplift and support women through education, skill development, healthcare, legal aid, and social awareness. These organizations work to address issues like gender inequality, domestic violence, child marriage, and lack of access to education or employment opportunities. By providing women with the tools and resources they need to become financially independent, make informed choices, and participate actively in society, these NGOs help foster an environment where women can realize their full potential and contribute to the development of their communities.


अधिनियम के अंतर्गत रजिस्टर्ड एक ऐसी संस्था है जो कन्याओं से संबंधित समस्याओं पर कार्य करती है। चूकि कन्याएँ हमारे समाज की अभिन्न अंग है और इनकी उपेक्षा करके हम एक सभ्य एंव विकसित समाज की कल्पना भी नहीं कर सकते। हम अपने आपको एक सभ्य मानव की संज्ञा देते है और एक सभ्य समाज की चाहत रखते हैं। लेकिन जब तक कन्याएँ पुरूषों की तरह निर्णय लेने मे, शिक्षा के क्षेत्र मे बराबर नहीं आ जाती है, तब तक एक विकसित समाज का सपना एक कल्पना मात्र ही रह जाएगा।

आज जितने भी देश जो विकसित कहलाते हैं। वहाँ कें कन्याएँ वहाँ की समाज की एक निर्णयकर्ता है लेकिन हमारे भारत मे और खास कर हमारे बिहार मे कन्याओं के साथ आज भी भेदभाव किया जाता है। और इतना ही नही बल्कि जीवन के प्रत्येक कदम पर इनका शोषण होता है। तथा इनके कदम-कदम पर समाज द्वारा काँटे ही काँटे डाल दिये जाते हैं हम चाहते हैं की अपनी कन्याओं को सुंदृढ़ बनाये, लेकिन समाज की कई कुरीतियाँ हमें अपने मकसद से रोकती हैं और जिनका मुल्य हमारी बेटीयों को चुकाना पडता हैं।

“हमारा संकल्प : हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक प्रत्येक भारतीय बालिका एवं महिला शिक्षित, जागरूक एवं आत्मनिर्भर नहीं बन जाती।”

और जाने
Name of Institution KANYA VIVAH AND VIKASH SOCIETY
Type Registered Society (Non-Government)
is registered Registrar of Societies, Gaya (Bihar)
Act Societies Registration Act, 21/1860
Registration Number S000277
Registration Desk 2010
Registration City / State Gaya, Bihar
Available Documents Registration Certificate, PAN
Key functionaries (known)
President Mrs. Anju Saini
Secretary Vikash Kumar Mali
Executive Committee Elected as per the rules of the Organization

कार्य क्षेत्र

बिहार

झारखंड

झारखंड

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश

मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र

उड़ीसा

उड़ीसा

assam

असम

chattrisgarh

छत्तीसगढ़

Bengal

बंगाल

कल के लिए हमारा दृष्टिकोण

हमारी भविष्य की योजनाएँ

  1. पंचायत स्तर पर महिला प्रशिक्षण एवं स्वाबलम्बन केन्द्र कि स्थापना करना।
  2. सरकार द्वरा संचालित बालिका एवं महिला योजनाओं की सफलता हेतु प्रचार-प्रसार
    करना एवं उस योजना से संबंधित सरकारी पदाधिकारी के सहयोग से सफलीभूत करना।
  3. अनाथ, लाचार, बेबस, विकलांग बालिकाओं हेतु निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करना । विषम परिस्थितियों में फंसे बालिकाओं को सहायता करना।
  4. बालिकाओं को आत्म रक्षा हेतु कराटे, कुंग फू, आदि का प्रशिक्षण देना ।
  5. बालिका प्रतिभा खोज करना एवं उन्हें मार्गदर्शन करना।
  6. बालिका खेलकुद प्रतियोगिता करवाना एवं खेलकुद प्रशिक्षण देना ।
  7. सस्ते दर पर सेनेटरी पैड का निर्माण करना एवं बालिकाओं को मुहैया करवाना।
  8. बालिका संसद का गठना करना ।

NGO में पंजीकरण का चरण

योजनाएँ

कन्या विवाह एण्ड विकास सोसाइटी अपने स्तर पर कई योजनाएँ बनाती है एवं क्रियान्वित करती हैं ताकि हमारे समाज कि बालिएकाएँ, महिलाएँ समुचित विकास कर सकें, शिक्षित हो सकें, जागरूक हो सकें, आत्मा निर्भर हो सके।

  • हमारा प्रयास: हम चाहतें हैं कि हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग जाति एवं धर्म कि बालिकायें महिलायें, शिक्षित, जागरूक, आत्मानिर्भर एवं स्वतंब तथा निर्भय हों।
  • हमारा संकल्प: हम तब तक नहीं रूकेंगे जबतक प्रत्येक भारतीय बालिकायें महिलायें, शिक्षित, जागरूक आत्मनिर्भर नहीं बन जातीं।
  • कानूनी सहायता: बालिकाओं और महिलाओं को समाज में हो रहे अन्याय तथा प्रताड़ित के विरोध हर प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करना।
  • महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाना : समाज में महिलाओं को पुरुष के बराबर का दर्जा दिलाना ।

अब तक, हमने नौ महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है, अर्थात् बाल विवाह भ्रूण हत्या, कानुनी सहायता केन्द्र एवं कॉल सेंटर, विवाह संघ समस्याओं को समाधान, स्वालंबन, कन्याओं / बालिकाओं से संबंध योजना को सफलता पूर्वक करना, विकलंग कन्याओं के पुनर्वास हेतु कार्यकर्म, बालिका शिक्षा |

उद्देश्य एवं लक्ष्य

संस्था की नियमावली में वर्णित ग्यारह उद्देश्य

संस्था की प्रत्येक गतिविधि इन्हीं घोषित उद्देश्यों की पूर्ति हेतु संचालित की जाती है।
1
बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं भ्रूण हत्या को समाप्त करने हेतु जागरूक करना तथा शपथ दिलाना।
2
कानून सहायता केंद्र एवं कॉल सेंटर का संचालन करना।
3
शिक्षित बेरोजगार युवक / युवतियों को समाज सेवा में लगाकर बेरोजगारी दूर करना।
4
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता शिविर लगाना, जाँच करना तथा चिकित्सालय / अस्पताल का निर्माण एवं संचालन करना।
5
विवाह से संबंधित समस्याओं का समाधान करना तथा सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करना।
6
स्वावलंबन प्रशिक्षण कराकर आत्मनिर्भर बनाना तथा जूडो-कराटे द्वारा आत्मरक्षा हेतु जागरूक करना।
7
कन्याओं / बालिकाओं / महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सफल बनाना।
8
अनाथ, गरीब एवं असहाय कन्याओं के लिए अनाथालय, छात्रावास एवं विद्यालय के संचालन हेतु कार्यक्रम करना।
9
बालिका शिक्षण के प्रति जागरूक कर पंचायत, प्रखंड तथा जिला स्तरीय विद्यालय का निर्माण एवं संचालन करना।
10
सहायता देने एवं लेने तथा संस्था को मजबूत बनाने हेतु सदस्यता ग्रहण कराना एवं नियमों का पालन करना।
11
संस्था के साथ धोखाधड़ी एवं गद्दारी करने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करना।

हमारा प्रयास एवं संकल्प

हमारा प्रयास : हम चाहते हैं कि हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग, जाति एवं धर्म की बालिकाएँ एवं महिलाएँ शिक्षित, जागरूक, आत्मनिर्भर, स्वतंत्र एवं निर्भय हों।

कानूनी सहायता : बालिकाओं एवं महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय तथा प्रताड़ना के विरुद्ध हर प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करना।

समान दर्जा : समाज में महिलाओं को पुरुष के बराबर का दर्जा दिलाना, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

यह योजना क्यों

  • इस योजना से कन्या के विवाह के प्रति माता-पिता अपने आप को असहाय महसूस नहीं करेंगे।
  • भ्रूण हत्या में कमी आएगी और आने वाले बच्चे कुपोषण के शिकार नहीं होंगे।
  • समाज में कन्याओं के प्रति श्रद्धा व सहानुभूति बढ़ेगी।
  • दहेज प्रथा पर रोक लगेगी।
  • विवाह के मौके पर खर्चों की साझेदारी एवं कमी होगी।
  • वर और वधु  दोनों सम्मानित होंगे जिससे उनकी आत्मबल मिलेगा।
  • समाज में कन्याओं के विवाह के लिये एक आधुनिक प्लेटफॉर्म मिलेगा।
  • बाल विवाह पर रोक लगेगी।
योजनाएँ एवं कार्यक्रम

संस्था द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित योजनाएँ

कन्या विवाह एवं विकास सोसाइटी अपने स्तर पर कई योजनाएँ बनाती एवं क्रियान्वित करती है ताकि समाज की बालिकाएँ एवं महिलाएँ समुचित विकास कर सकें तथा आत्मनिर्भर हो सकें।

कन्या विवाह सहयोग योजना

प्रखंड स्तर पर अनाथ, असहाय, निर्धन एवं विकलांग वयस्क कन्याओं का चयन कर उनका दहेज मुक्त सामूहिक विवाह कराया जाता है तथा सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है।

विदाई सामग्री (ब्राइडल किट)

विवाह उपरांत नवविवाहित कन्याओं के घर पर संस्था के पदाधिकारियों एवं सर्वेयर द्वारा आवश्यक गृहस्थी सामग्री वितरित की जाती है।

वर पक्ष हेतु आजीविका सहयोग

बेरोजगारी दूर करने के लिए दूल्हों को बैट्री वाला ई-रिक्शा एवं चलंत रेस्टोरेंट प्रदान किया जाता है।
देश के प्रत्येक, राज्य मे जिला एवं प्रखण्ड में विवाह मण्डप भवन बनाना।
सोसाईटी में निबंधित परीवारों को केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा चलाये जा रहे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना एवं उन्हे लाभ दिलाना।
प्रखण्ड स्तरीये व्यवसायी प्रशिक्षण केन्द्र खोलना एवं कन्याओं को स्वावलम्बी बनाना।
बालिका स्कुल एवं छात्रावास तथा अनाथालय एवं वृद्धा आश्रम का निर्माण करना तथा संचालन करना।
कन्या विवाह सहयोग एवं उपहार योजना को सभी राज्य से प्रत्येक परीवार को जोड़ना एवं लाभ देना।
संस्था में निबंधित कन्याओं के नाम से एक वृक्ष लगाना।
कन्या विवाह एवं विकास समाज के द्वार कन्याओं को दिए जाने वाले अनुदान (देखे)
सामूहिक विवाह का आयोजन करना
विवाह के समय अभिभावक बनकर उन्हे आवश्यक सामग्री देकर विदाई करना तथा बक्सा (ट्रंक ,बर्तन सेट,तोशक,रजाई,गोदरेज,तकिया,मेटालिक पलंग,शृंगार बॉक्स,व वस्त्र,चादर एवं अन्य महिला साज शृंगार का समान |
बाल विवाह को रोकने हेतु अभिभावकों के बीच बैठक करके जागरूकता कार्यक्रम चालना एवं बालिक होने पर विवाह करने पर विदाई सामग्री का प्रलोभन देकर नाबालिक कि शादी नही करने पर आवश्यक सामग्री देना
विषय परिस्थिति मे फसे बालिकाओ को मदद करना जैसे स्वस्थय,सिक्षा,प्रतारणा एवं जिला प्रसासन के सहयोग से कानूनी सहायता प्रदान करना
बालिकाओ को प्रशिक्षण देना जैसे सिलाई,कढ़ाई,कॉम्पुटर एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण अगरबत्ती एवं मोमबत्ती बनाना
दहेज प्रथा रोकने हेतु दहेज विरोधी गाना (हबेली) एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागृति कार्यक्रम करना एवं शिविर लगाकर सपथ करना
कार्य क्षेत्र

नौ महत्वपूर्ण चुनौतियाँ जिन पर हमने ध्यान केंद्रित किया है

बाल विवाह

जागरूकता, परामर्श एवं पुनर्वास द्वारा कानूनी आयु से कम विवाह रोकना।

दहेज प्रथा

दहेज प्रथा के विरुद्ध अभियान, लोकगीत एवं नुक्कड़ नाटक।

भ्रूण हत्या

कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जागरूकता एवं बालिका संरक्षण।

कानूनी सहायता केंद्र

महिलाओं एवं बालिकाओं हेतु नि:शुल्क कानूनी सहायता।

कॉल सेंटर / हेल्पलाइन

विवाह संबंधी एवं घरेलू समस्याओं हेतु हेल्पलाइन सेवा।

विवाह सम्बन्धी समाधान

विवाह संबंधी विवादों में परिवारों के बीच मध्यस्थता एवं परामर्श।

स्वावलंबन

व्यवसायिक प्रशिक्षण तथा आत्मरक्षा (जूडो, कराटे) प्रशिक्षण।

विकलांग कन्याओं का पुनर्वास

विकलांग कन्याओं के पुनर्वास एवं विवाह हेतु विशेष कार्यक्रम।

बालिका शिक्षा

नामांकन अभियान, शिक्षण सहयोग तथा विद्यालय एवं छात्रावास निर्माण।

सरकारी योजनाएँ

कन्याओं एवं महिलाओं हेतु चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें लाभ दिलाना।

स्वास्थ्य शिविर

स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, जाँच तथा चिकित्सालय निर्माण एवं संचालन।

बेरोजगारी उन्मूलन

शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को समाज सेवा से जोड़ना।
चित्र वीथिका

हमारे कार्यक्रमों की झलकियाँ

सामूहिक विवाह समारोह, विदाई सामग्री वितरण एवं जागरूकता शिविरों के चित्र। (ये चित्र प्रतीकात्मक हैं — आधिकारिक चित्र कार्यालय से प्रकाशित किए जा सकते हैं।)
ख़बर एवं गतिविधियाँ

हमारा विज़न और मिशन

“दहेज लेना मत समझो शान — इसने ली है बहुत मासूमों की जान।”
“कन्या भ्रूण हत्या शब्द को मिटाना है — बेटियों को बचाना है।”
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी की शादी दहेज मुक्त कराओ।”
पारदर्शिता

दस्तावेज़, अधिनियम एवं डाउनलोड

संस्था के सार्वजनिक दस्तावेज़ प्रधान कार्यालय में निरीक्षण हेतु उपलब्ध हैं तथा लिखित अनुरोध पर प्राप्त किए जा सकते हैं।

पंजीकरण प्रमाण-पत्र

सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 21/1860 के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाण-पत्र (Registration No - S000277)।

नियमावली एवं संस्थापक सूची

संस्था का उद्देश्य-पत्र, नियम एवं विनियम तथा सदस्यों की सूची।

वार्षिक कार्य रिपोर्ट

सामूहिक विवाह, शिविर, जागरूकता कार्यक्रम एवं लाभार्थियों की वर्षवार रिपोर्ट।

लेखा एवं अंकेक्षण विवरण

संस्था के आय-व्यय का विवरण एवं लेखा अंकेक्षण।

आवेदन फॉर्म — सामूहिक विवाह

सामूहिक विवाह कार्यक्रम हेतु कन्या के निबंधन का निर्धारित फॉर्म।

सदस्यता फॉर्म

नियमावली के अनुसार संस्था का सदस्य बनने हेतु आवेदन फॉर्म।

नोट : उपरोक्त दस्तावेज़ निदर्शनात्मक हैं। दस्तावेज़ों की प्रति लिखित अनुरोध पर प्रधान कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।