AIMS & OBJECTIVES
योजनाएँ
कन्या विवाह & विकास सोसाइटी अपने स्तर पर कई योजनाएँ बनाती है एवं क्रियान्वित करती है ताकि हमारे समाज कि बालिकाएँ, महिलाएँ समुचित विकास कर सकें, शिक्षित हो सकें, जागरूक
हो सकें, आत्म निर्भर हो सकें ।
हम चाहते हैं कि हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग
जाति एवं धर्म कि बालिकायें, महिलायें,
शिक्षित, जागरूक, आत्मनिर्भर, स्वतंत्र एवं निर्भय हों ।
हम तब तक नहीं रूकेंगे जबतक प्रत्येक भारतीय बालिकायें, महिलायें, शिक्षित, जागरूक आत्मनिर्भर बन जाती ।
बालिकाओं और महिलाओं को समाज में हो रहे अन्याय तथा प्रताड़ना को विरूद्द हर प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करना ।
समाज में महिलाओं को पुरूष के बराबर का दर्जा दिलाना, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और आने वाली सभी समस्याओं का डट कर सामना कर सकें।
अब तक हमने नौ महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है, अर्थात बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रुण हत्या, कानूनी सहायता केन्द्र, कॉल सेन्टर, विवाह सम्बंधी समस्याओं का समाधान, स्वावलंबन कन्याओ/बालिकाओं से सम्बंधित योजना को सफलता पूर्वक करना, विकलांग कन्याओं के पुनर्वास हेतु कार्यक्रम, बालिका शिक्षा इत्यादि ।
प्रस्तावित योजनाऐं
- देश के प्रत्येक, राज्य मे जिला एवं प्रखण्ड में विवाह मण्डप भवन बनाना ।
- सोसाईटी में निबंधित परीवारों के केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा चलाये जा रहे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना एवं उन्हे लाभ दिलाना ।
- प्रखण्ड स्तरीये व्यवसायी प्रशिक्षण केन्द्र खोलना एवं कन्याओं को स्वावलम्बी बनाना ।
- बालिका स्कुल एवं छात्रावास तथा अन्नाथालय एवं वृद्धा आश्रम का निर्माण करना तथा संचालन करना ।
- कन्या विवाह सहयोग एवं उपहार योजना को सभी राज्य से प्रत्येक परीवार को जोड़ना एवं लाभ देना ।
- संस्था में निबंधित कन्याओं के नाम से एक वृक्ष लगाना ।
हमारा उद्देश्य
- 1. बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या को समाप्त करने हेतु जागरूक करना तथा शपत्थ दिलाना ।
- 2. कानुनी सहायता सेंटर एवं कॉल सेंटर का सुचालन करना।
- 3. शिक्षित बेरोजगार युवक / युवतियों को समाज सेवा करते हुऐ बेराजगारीी को दुर कराना।
- 4. स्वास्थय के प्रति जागरूक्ता शिविर लगाना, जाँच एवं बिमारी से ग्रसित व्यक्तीयों को चिकित्शालय / हॉस्पीटल निर्माण कर संचालन करना तथा बिमारी दुर करना
- 5. विवाह से संबंधित समस्या का समाधान करना तथा सामुहीक विवाह को प्रोत्साहीत करना ।
- 6. स्वावलंबन प्रशिक्षिण कराकर उन्हे आत्मर्निभर बनाना तथा जुडो कराटे के द्वारा प्रशिक्षण कराकर आत्मरक्षा हेतु जागरूक कराना ।
- 7. कन्याओं/बालिकाओं / महीलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर सफलिभुत कराना ।
- 8. अन्नाथ, गरीब, असहाय, कन्याओं के लिये अन्नाथालय, छात्रावास, विघालय के पुर्णवास हेतु कार्यक्रम करना ।
- 9. बालिका शिक्षण के प्रति जागरूक कर उन्हे पंचायत, प्रखण्ड, तथा जिला स्तरीय स्कुल का र्निमाण कर संचालन करना एवं शिक्षित बनाना ।
- 10. संस्था द्वारा सहायता देने एवं लेने हेतु तथा संस्था को मजबुत बनाने हेतु सदस्यता ग्रहण कराना एवं संस्था के नियमो का पालण करना ।
- 11. संस्था के साथ धोखधड़ी करने एवं गददारी करने वालो के विरूद्ध कानुनी कारयवायी करने हेतु संस्था के साथ खड़ा रहना ।